भूले और भटके थे हम (Bhule or Bhatke the Hum)


भूले और भटके थे हमजाते तो जाते कहाकिसी ने बताया हमेयेशु मसीह है यहाँ दुनिया की चिंता को छोडोआगे को बढ़ता ही चलपायेगा शांति आरामजीवन मिलेगा तुम्हे जीवन की रोटी है वोजैसा की उसने कहाजीवन की ज्योति है वोजग का उजाला भी है Continue reading भूले और भटके थे हम (Bhule or Bhatke the Hum)