ऐ पाक़ ख़ुदावन्द यीशु मसीह (Ai paaq khudaavand Yeshu masih)
ऐ पाक़ ख़ुदावन्द यीशु मसीहज़रा नज़र करम फ़रमाता जाऐ शाफ़ी ओ मालिक ऐ हर दो जहांइस दिल की लगी को बुझाता जा तूने हम सबके फ़िदये मेंखून अपना बहाया सूली परहम अपने गुनाह में मुर्दा हैंकर रहम फरमाता जा हैक़ल को गिराकर तीन दिन मेंखड़ा करने को तू ने कहाइस भेद को येशु ऐ इब्ने ख़ुदाहां आज हमें समझाता जा तू प्रेम नगर का वासी … Continue reading ऐ पाक़ ख़ुदावन्द यीशु मसीह (Ai paaq khudaavand Yeshu masih)
