लहर-लहर में
लहर-लहर में मस्त पवन की गुँजा है एक तराना होने पर भी नाच रहा है, गीत एक सफर सुहाना नया सवेरा उदय हुआ है, नयी आशये लेकर एक नये युग का फूल खिला है, सौ मुस्काए लेकर एक आँधियारा में मसीह आया, हजाए रोशनी लेकर भूली चाह पुरानी हो गयी आया है नया जमाना इस रोशनी से दूर हो जाये दुनियाँ की सारी राहे आँधियारों … Continue reading लहर-लहर में
