तेरे दिल के दर पर (Tere Dil ke Dar Par)
तेरे दिल के दर परयीशु खटखटाता,खोलो तुम दरवाज़ावह है आना चाहता | १. बनना चाहता है वहतेरा ही मेहमान अब,तेरा रंज-ओ-फिकरवह उठाना चाहता | २. ख़ुशी अपनी देताहोवे तू जलाली,रात दिन तेरे साथ हीवह है रहना चाहता | ३. नर्म आवाज़ से बोलतामुआ वास्ते तेरे,छोड़ो बद-सुलूकीखोलो दर में आता | ४. तेरी खातिर मैं नेपहना ताज कटीला,तुझ को अब जलालीताज हु मै पहनाता | ५. … Continue reading तेरे दिल के दर पर (Tere Dil ke Dar Par)
