खुल जायेंगी किताबें (खुल जायेंगी किताबें)
खुल जायेंगी किताबें, जब भी हिसाब होगाइंसाफ़ का तराजू, यीशु के हाथ होगा जो भी तू कर रहा है, यीशु वो देखता है – 2हर पल का तुझको इंसां – 2देना हिसाब होगाइंसाफ़ का … आजा अभी भी मुड़कर, यीशु बुला रहा है – 2वर्ना ये याद कर ले, तेरा ही नाश होगाइंसाफ़ का… कदमों में उसके रो ले, तौबा गुनाह से कर ले -2फ़िदिया … Continue reading खुल जायेंगी किताबें (खुल जायेंगी किताबें)
